विश्व-बंदी २४ मई


जिस समय उत्तर भारतीय करोना के लिए गौमांस और शूकरमांस भक्षण के लिए केरल को कोस रहे थे और बीमारी को पाप का फल बता रहे थे – केरल शांति से लड़ रहा था| यह लड़ाई पूरे भारत की सबसे सफल लड़ाई थी|

केरल साद्य


भारतीय संस्कृति भोजन को भजन से समकक्ष रखकर उसपर विचार, शोध विकास करती रही है| जब तक सभी आवश्यक तत्त्व शरीर में न जाएँ, भोजन पूर्ण नहीं| यही विचार थाली की अवधारणा को जन्म देता है| किसी भी खाते –पीते भारतीय परिवार में पांच भोज्य से कम मानकर थाली के बारे में नहीं सोचा जाता|पढ़ना जारी रखें “केरल साद्य”

कोवलम तट


जब अनजान लोग किसी अनजान जगह तलाश में जाते हैं तो कुछ पक्का पता नहीं चलता कि उसी जगह पहुंचे जहाँ जाना था या कुछ नई ख़ोज हुई| कोवलम तट पर हमारी यात्रा भी कुछ इस तरह ही थी| अपने वयस्त कार्यक्रम के दौरान कुछ घंटे चुराए गए और दोस्तों का एक समूह बिना किसीपढ़ना जारी रखें “कोवलम तट”