छोटे पहाड़ी शहर


पालमपुर - बढ़ते वाहन

पालमपुर – बढ़ते वाहन

अक्सर पर्यटक स्थलों पर भीड़भाड़ मुझे उनसे दूर कर देती हैं| अगर भीड़ का अकेलापन ही महसूस करना है तो दिल्ली मुंबई का कोई भी चौराहा क्या बुरा है| कम भीड़भाड़ वाले पर्यटक स्थलों के प्रति मेरा स्वाभाविक आकर्षण मुझे इस बार पालमपुर ले गया|

पहाड़, खुबसूरत शहर, रंगबिरंगे घर, अलग अलग रंग की टिन की छतें, पहाड़ों से नीचे उतरते और पहाड़ों पर ऊपर चढ़ते बादल, बार बार बरसात, जुलाई का पहला सप्ताह, हाल में पहुंचा हुआ मानसून, सब इस जगह को जन्नत बना रहा था|

मगर पहाड़ों पर या किसी भी पर्यटन स्थल पर बढ़ते हुए वाहन बड़ी समस्या हैं| संकरी सड़कों पर वाहनों की भीड़ उन्हें असुरक्षित तो बनाती ही है, वहां के सौंदर्य को भी नष्ट करती है|

मुझे लगता है कि पर्यटक स्थलों के बाहर ही वाहनों को रोक लिया जाना चाहिए और शहर में पारंपरिक साधनों, साइकिल, रिक्शा, घोड़े, खच्चरों का ही प्रयोग होना चाहिए|

कृपया, अपने बहुमूल्य विचार यहाँ अवश्य लिखें...

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.