छोटी सी ख़ुशी

कोई भी ख़ुशी ताजिंदगी नहीं रहती| जरूरी नहीं जिन्दगी में कोई गम हो, मगर जिन्दगी भर हम ख़ुशी की तलाश करते रहते हैं| शायद ही कोई ख़ुशी साल दो साल रहती है| खुशियाँ बंजारन होतीं हैं, जो आती जाती रहती है| खुशियाँ रूठती रहतीं हैं, उन्हें मनाना पड़ता है|

ज्यादातर खुशियाँ पल – दो – पल की होती हैं| उन्हें उन्हें पल दो पल में जश्न की तरह मनाना पड़ता है| जिन्दगी छोटी छोटी खुशियों से बनती है, जब जिन्दगी में जिन्दादिली होती है तो जिन्दगी जश्न बन जाती है|

बहुत अच्छी खुशियाँ खरीदी नहीं जा सकतीं, वो अक्सर अचानक मिल जाया करतीं है, जैसे किसी अनजान बच्चे, बूढ़े, या हमउम्र की दिलफेंक मुस्कान; जैसे लम्बी यात्रा पर हरे भरे खेत, हरी भरी वादियाँ, लहरता समंदर, गिरती हुई बर्फ़, बरसता सावन|

बाकी सब अच्छी खुशियाँ बहुत कम पैसे में आ जातीं हैं, जैसे एक छोटी सी संतरे वाली टॉफी, एक कप साउथ इंडियन कॉफ़ी, दोस्तों के साथ पानी पूरी और आलू टिक्की, परिवार के साथ पुश्तेनी गाँव के आम के बाग़ में पिकनिक, सहेलियों के साथ चुस्की, और ऐसा ही कुछ भी, बस छोटी से ख़ुशी|

हमें महंगी या बहुत शानदार खुशियों के लिए वक़्त बर्बाद करने की जगह, अच्छी खुशियों की तरफ़ अपना रुख करना चाहिए, उन्हें बटोर लेना चाहिए| अच्छी खुशियाँ जिनके लिए दौलत नहीं खर्च करनी पड़े, थोड़ा सा वक़्त लगे, कहीं भी या कभी भी मिल जाएँ| ऐसे ही कुछ किस्से है जिन्होंने मुझे छोटी छोटी खुशियाँ दी:

  • एक सुबह अचानक एक पुरानी दोस्त की याद आई| बहुत दिन से मुलाकात नहीं हुई थी| मैं पता किया वो अपने ऑफिस में थीं, मैं ऑफिस के बाहर पहुंचा और उन्हें मिलने के लिए बाहर बुलाया| उनके पास समय नहीं था, मगर हमने पांच मिनिट का समय साथ साथ बिताया, एक रसमलाई साथ खाई और विदा ले ली| अब हमें वो पांच मिनिट बार बार याद आते है और ख़ुशी दे जाते हैं|
  • मेरा छोटा सा बेटा और मैं साथ साथ रोज टहलने के लिए जाते हैं| कभी पार्क, कभी सड़क, कभी रेलवे स्टेशन, कभी कालोनी का छोटा सा बाजार, कभी सूर्यास्त, कभी रात के समय अँधेरी जगह से चाँद और तारे, कभी कभी और कहीं, और कुछ| घर लौटने के बाद उसके पास हमेशा एक नई कहानी होती है और कई बार वो उन सुन्दर कहानियों को कई दिन तक याद रखता है| वो उनसे बहुत कुछ सीखता है, मगर मुझे ख़ुशी मिलती है|
  • कभी कभी बिना कहे पत्नी के लिए गोल गप्पे, मीठा पान, चुस्की या पार्क से तोड़ कर लाया गया एक अनजान सा सफ़ेद या रंगीन फूल, या कुछ भी|
  • पापा के साथ उनके बचपन की कोई प्यारी याद ताज़ा कर लेना|

अगर आप खुश होना चाहें तो छोटी छोटी बातें खुश कर सकती हैं| आपको बड़ी ख़ुशी के लिए छोटी खुशियों को छोड़ देना है या इन छोटी छोटी खुशियों से अपना मन खुश करते चलना है, यह आपके ऊपर है| अगर मैं खुश होना चाहूँ तो आपको आधे मिनिट एक कॉल कर कर भी खुश हो सकता हूँ| कुछ भी छोटी से ख़ुशी आपका दिल खुश कर सकती है| आपको पहचानना है, नहीं आपको जो इस वक़्त मन आये वो कर लेना है|

 

Advertisements

कृपया, अपने बहुमूल्य विचार यहाँ अवश्य लिखें...

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s