भारतीय प्रेमी के हृदय से


तुम्हारे हर न के लिए

मेरा प्रतिशोध होगा

चिर अनंत तक झूल जाना

पौरुष के भग्नावशेष के साथ |

क्योंकि टूटा पुरुष भारतीय

निराशा के क्षीरसागर से

निकलता हुआ तिमिर है |

और तुम असमर्पित!

गलबहियां डालना

नागवेणी बनकर |

मेरी माँ ने भी कदाचित

न नहीं कहा था निश्चित

मुझे धारण करने से पहले|

रक्षा बंधन हमारा ही त्यौहार हो सकता है


रक्षा बंधन हमारा ही त्यौहार हो सकता है| जी हाँ हमारा ही|

दुनिया का वो सभ्य देश, जहां नारी की पूजा दहेज़ से होती है और मार मार कर उसकी आरती उतारी जाती है|

दुनिया का वो सभ्य देश, जहाँ भाभी को मारने वाले मर्द भाई पर उसकी बहन को गर्व होता है, माँ ख़ुश होती है, भभी को लाड़ आता है, और बेटी को पराये घर का सबक मिलता है|

दुनिया का वो सभ्य देश, जहाँ अपनी निकम्मी मर्दानगी की चिंता में लोग रोजी रोटी की चिंता से ज्यादा परेशान हैं| जहाँ कर मर्द, राजी, गैर – राजी, मान – न – मान हर औरत पर अपनी मर्दानगी की पताका लहराता है|

दुनिया का वो सभ्य देश, जहां सभ्य लोग इस बात पर शर्मिदा नहीं होते कि वहां वैश्या तक का बलात्कार हो जाता है और क़ानून को शर्म तक नहीं आती|

जहाँ बलात्कार करने पर मर्द अपना सीना ठोंक कर हर नुक्कड़ पर उसके गान गाता है, और लड़की को निगाह झुकानी पड़ती है|

जहाँ बलात्कार पर चर्चा तब तक नहीं होता जब तक मीडिया उसे स्पोंसर न करे| वो सभ्य देश जहाँ बलात्कार होने पर लड़की को चुप रहने को कहा जाता है, उसकी बदनामी मानी जाती है, उसका नाम कानूनन छिपाया जाता है|

वो देश जिसमें लड़की पैदा होने पर बाप को दहेज़ की चिंता होती है और उस से ज्यादा उसकी “इज्जत” की|

उसी देश में तो बहन को डर लगेगा| उसी देश में तो बहन को भाई का सहारा चाहिए होगा| उसी देश में तो बहन को रक्षा का वचन चाहिए होगा| उसी देश में तो एक बहन को हर साल – साल – दर साल भाई को रक्षा का वो वचन याद दिलाना पड़ेगा| उसी देश में तो बहन को रक्षाबंधन का सहारा लेना पड़ेगा| उसी देश में रक्षाबंधन प्रमुख त्यौहार होगा|

रक्षा बंधन हमारा ही त्यौहार हो सकता है| जी हाँ हमारा ही|

आइये कुछ तो शर्म करें| थोड़ी सी शर्म करें| थोड़ी सी ही….|

हैप्पी इंडिपेंडेंस दीपा करमाकर


दीपा करमाकर को नहीं मिला न गोल्ड,

दुःख तो बहुत हो रहा होगा आपको,

जिस देश में बहुत से घरों में बहन बेटियां ही नहीं होतीं

उस देश में दीपा गोल्ड नहीं ला पाई,

जिस देश में घर में अगर बहन बेटियां होतीं हैं

उन्हें ठीक से दाल और दूध नहीं मिलता,

मोटी हो जाएगी तो करीना सी कैसे दिखेगी

उस देश में दीपा गोल्ड नहीं ला पाई,

जिस देश में बहन बेटियों को दाल दूध मिलता है,

तो उसे सिर्फ घर के बदन कमरे में पढाई करनी होती है

उस देश में दीपा गोल्ड नहीं ला पाई,

चलिए घर की बहन बेटी से कहिये,

खेलेगी तो चहरे पर पर चोट का निशान आ जायेगा

उस देश में दीपा गोल्ड नहीं ला पाई,

चलिए छोड़िये अगले ओलम्पिक में किसी और उम्मीद करेंगे

तब तक हैप्पी इंडिपेंडेंस डे!!!