साहेबान… मेहरबान… कदरदान…..
अब दिल्ली गाँव के झींगुर पहलवान के मुकाबले आ रहे हैं…….
बरोदा और बनारस के मशहूर गामा पहलवान…..
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और इसके साथ दिल्ली के चुनावी दंगल २०१५ का आगाज होता हैं….
समाज व्यवस्था
शार्ली एब्डो
फ़्रांसीसी पत्रिका शार्ली एब्डो को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार और मुसलमानों के पैगम्बर पर कैसा भी कार्टून बनाने का अधिकार होना चाहिए|
भारतीय चित्रकार ऍम ऍफ़ हुसैन को हिन्दुओं के देवी देवताओं के कैसे भी चित्र बनाने का ~!@#$$%&*())(*&^)_@+#”: होना चाहिए|
अच्छी लड़की
[१]
ओढ़ाती है दुपट्टा
रत्ती भर इज्जत को
पानी से पर्दा रखती है
बंद गुसलखाने में
डर डर कर नहाती है
अच्छी लड़की|
[२]
फब्तियां और फितरे
डराते नहीं हैं मगर
शरीर की कैद में
दम तोड़ देती है इज्जत
चुप रहती है
अच्छी लड़की|
[३]
सड़क किनारे मूतते मर्द
माँ बहन पड़ोसन
रण्डीखाने में ढूंढते हैं
जिसे नहीं पाते वहाँ
चस्पा देते है तमगा –
अच्छी लड़की|
