विश्व-बंदी २७ मार्च


उपशीर्षक – नीला आकाश और बिलखती सड़कें 

तनाव को मुखमंडल की आभा बनने से रोकना मेरे लिए कठिन है| ७५ मिनिट की परीक्षा ५५ मिनिट में पूरी हुई| अब मैं किसी भी कंपनी में निर्देशक बन सकता हूँ| समयाभाव में अटका पड़ा यह काम पूरा हुआ|

कुछ और रुके पड़े काम पूरे किए जाने है| मृत्यु और काल आपके सबसे बड़े साथी हैं|

बारिश रुकने के बाद दोपहर में इतना नीला आसमान पहली बार दिखा| सोचता हूँ कहाँ होंगे वो लोग जो प्रदूषण के लिए किसान को कोसते थे? प्रकृति अंधपूंजीवाद पर भरी पड़ रही है| दुनिया की शानोशौकत बड़ी बड़ी गाड़ियाँ मूँह लटकाए घरों के बाहर धूल खाने लगी हैं|  प्रकृति ने पढ़े लिए समझदार आकाशगामी पैसे वालों को बीमारी फ़ैलाने के लिए अपना वाहन चुना है – माता शीतला का वाहन भी तो गधा ही है|

बड़े शहरों से जो लोग पैदल हजार पाँच सौ किलीमीटर जा रहे हैं क्या उनकी आने वाली पीढ़ियाँ वापिस बड़े शहरों की तरफ आसानी से रुख कर पाएंगीं? क्या विकास को मजबूर होकर छोटे मझोले शहरों की तरफ रुख करना पड़ेगा? क्या हानिकारक उद्योगों को बंद रखने पर जोर दिया जाने लगेगा? सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हमें अच्छे पर्यावरण की कितनी आदत पड़ती है|

शाम तक गोल मोल सरकार ने माना कि विदेशों भ्रमण से लौटे वाले सभी यात्रियों नहीं खोजा सा सका है| हैरानी की बात यह है कि इतना खतरा उठाकर भी लोग क्यों छिपे पड़े हैं? उड़ीसा बालासोर में सरकार को एक क्लिनिक का लाइसेंस बंद करवाना पड़ा क्योंकि उस में विदेश भ्रमण से लौटे एक यात्री का अनिधिकृत रूप से इलाज किया गया था|

शाम तेज बारिश हुई और शानदार चाँद तारे दिखाई दिए| शायद यमुना का गन्दा काला पानी वापिस पारदर्शी श्यामल रंग में बदलने लगा हो|

क्या, हमें पूंजीवाद के सकल घरेलू उत्पाद की अवधारणा से इतर सकल घरेलू प्रसन्नता की और देखना होगा?

भविष्य बहुत कुछ कह सकता है|

विश्व-बंदी २६ मार्च


उपशीर्षक – कुछ नवारम्भ 

होली पर ही बहुत दिनों से छूटा हुआ योगाभ्यास पुनः प्रारंभ कर दिया था| आसन प्राणायाम के मौसम भी अच्छा हैं चैत्र का महिना भी|

सुबह से शरीर के बारे में सोच रहा हूँ| किसी भी प्रकार के फ़्लू-जुखाम-खाँसी के लिए गहराना परिवार का अजमाया नुस्खा है – एक कली लहसुन बराबर मात्रा के अदरक के साथ बढ़िया से चबाइए और मुँह चाय के घूँट लेने के लिए खोलिए| क्या इसे अजमाना चाहिए? आदतन हमारे घर में चैत्र नवरात्र से शरद नवरात्र के बीच कच्चा लहसुन खाने की परंपरा नहीं हैं|

दो दिन से सब्जी भी साबुन के गोल में धोकर रसोई में जा रही है| रसोई को चौका इसीलिए कहते हैं कि इसे बाकि दुनिया की गंदगी से क्वॉरंटीन (चौकस एकांतवास) रखा जाता है| आज नाश्ते रमास के चीले बनाये गए|

दोपहर वित्त मंत्रालय द्वारा गरीबों के लिए बनाई गई बकवास घोषणा को सुनकर दुःख हुआ| स्वयं सहायता समूह के लिए बिना गिरवी कर्ज की मात्रा दुगनी करने पर हँसी आई| यह कर्ज बड़ा नहीं सरल होना चाहिए| कर्मचारी बीमा राशि से अधिक धन निकालने की अनुमति से सिर्फ क्रोध आया| सरकार ने जिम्मेदारी की टोपी गरीब के सिर पहना दी है|मोदी सरकार मनरेगा की पुरानी विरोधी होने के बाद भी उसकी शरण में गई है मगर मुझे कोई आशा नहीं – कारण लॉक डाउन के दौरान मनरेगा रोजगार संभव नहीं| योजना पर हँस ने में भी बहुत रोना आया| ज़मीनी मुद्दों तक सरकार की पहुँच नहीं है|

दिन के तीसरे पहर आसमान में एक ड्रोन दिखाई दिया – मेरा अनुमान है कि निगरानी करने ले लिए पुलिस का नया तरीका रहा होगा| इस नकारात्मक समय में सकारत्मक लोगों को सड़कों पर बेफ़िक्र घूमने से रोकना होगा|

मुझे नकारात्मकता को सूंघ लेने और उसको हराते रहने की पुरानी आदत है| जीवन के समस्त नकारात्मक समय का उपयोग किया है| आज दिवेश से बात हुई| उसका आग्रह था कि कल मुझे कंपनियों स्वतंत्र निर्देशक की परीक्षा उत्तीर्ण कर लेनी चाहिए| मैं सोचने लगा तो उसने कहा, मैं आपको जानता हूँ आप आज शाम या कल सुबह इसे उत्तीर्ण का लें| पढ़ने और तनाव लेने से मना किया है| कल सुबह आठ बजे का समय तय रहा| फिर भी ,अगर मैं तनाव न लूँ तो धरती न डोलने लगे|

बारिश होने लगी है| बदलता मौसम भी स्वस्थ के लिए अच्छा नहीं| दौज का पतला सा चाँद और थोड़ा दूर तेज चमकदार शुक्र तारा दिखाई दिए| तनाव मुक्त करने के लिए प्रकृति के पास अपने तरीके हैं|

Janta Curfew


मैं रविवार २२ मार्च २०२० को जनता कर्फु के पालन की घोषणा करता हूँ और स्वैक्षिक रूप से २१ मार्च २०२० को भी जनता कर्फु का पालन करूंगा|
क्या आप इसका पालन करेंगे?

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I m participating in #JanataCurfew on Sunday. Are you_ I will observe it on Saturday also. (1)