चुनावी खच्चर


चुनावी खच्चर वह निरुद्देश्य निष्क्रिय प्राणी है जिसके होने न होने से चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ता और वह चुनाव से बहुत कुछ प्राप्त करने की आशा करने से निराश रहता है| यह प्रायः मध्यवर्गीय मानसिकता से त्रस्त आयकरदाता होता है जिसके अनुसार देश का सारा सरकारी काम खासकर कर्ज माफ़ी और घोटाला उस के आयकर पैसे से चलता है| इसे प्रायः बिना बिल का सामान खरीदने की जुगाड़ करते, अनावश्यक रूप से रिश्वत देते, जुगाड़ भिड़ा कर मंहगे विद्यालयों में बच्चों का दाखिला कराने के बाद उन्हें लठ्ठ मार मार कर कोचिंग क्लास जाने के लिए विवश करते देखा जा सकता है| यह सड़क किनारे मूतते हुए नारा लगाता है – इस देश का कुछ नहीं हो सकता| अपनी बहन बेटी की सहेलियों के संग अश्लील हरकतें करने या करने के हसीन सपने देखते हुए यह अपनी माँ बहन की इज्जत बचाने की आशा में उन्हें ताले में बंद करने कोशिश करता है|

चुनावी खच्चर दुनिया भर की बड़ी बड़ी बातें बनाने के बाद, चाय और पान तम्बाकू की दुकान और अपने दफ़्तर की कोफी मशीन के किनारे पर खड़ा होकर घंटो बेमतलब बहस करने के बाद बड़े लीचड़ तरीके से घोषणा करता है – सब एक जैसे हैं, मैं तो इसलिए वोट डालने नहीं जाता|

चुनावी खच्चरों की तादाद देश की आबादी में लगभग तीस से चालीस फ़ीसदी मानी जाती है| हर चुनाव में मतदान केंद्र से अनुपस्तिथ रहे लोगों ने इनकी संख्या ९५ प्रतिशत तक होती है| चुनाव के दिन आसपास के इलाकों में तफ़रीह पर चले जाना पक्के चुनावी खच्चरों का विशिष्ठ लक्षण माना जाता है| हाँ, यह सामाजिक माध्यमों पर करें मतदान – देश महान जैसे नारे जरूर प्रेषित कर देता है| इन्हें चुनावी क़ानून के नाम पर सिंगापुर की याद आती रहती है कि वहां मतदान न करने पर सजा मिल सकती हैं|

चुनावी खच्चर को देशप्रेम से प्रेम होता है| चुनावी खच्चरों की औलादें अक्सर आस्ट्रेलिया कनाडा आदि देशों की वीज़ा कतारों में खड़े होकर और बाद में उन देशों में भारतीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में जाकर देशप्रेम का अनूठा परिचय देते हैं| यहूदियों का देश इस्रायल इनका स्वर्ग और यहूदियों का दुश्मन हिटलर इन के बहुमत का इष्टदेव माना जाता हैं|

चुनावी खच्चर को कभी पता नहीं होता कि वह और उसके जैसे दूसरे चुनावी खच्चर अगर किसी ईमानदार निर्दलीय उम्मीदवार को अपना मत दे दें तो वह ईमानदार कर्मठ आदमी देश के काम आ सके|

चुनावी खच्चर खुद भी चुनाव नहीं लड़ता – उसे पता है उसके साथ के दूसरे चुनावी खच्चर उसे अपना मत नहीं देंगे|

चुनावी खच्चर को विशवास रहता है कि उसका मालिक, अधिकारी, शिक्षक, और बाप गधा है और अक्सर किसी असली गधे यानि बाहुबली, धर्मगुरु, फिल्म अभिनेता को यह अपना असली घोड़ा मान लेता है|

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