भगवान् के घर


बिना बुलाये तो ऐश्वर्य भगवान् के घर भी नहीं जाता, मगर भगवान् बुला न ले, इस डर से कोने में दुबक जाता है|

बिना बुलाये तो ऐश्वर्य भगवान् के घर भी नहीं जाता, मगर बिना बुलाये मंदिर मस्जिद रोज जाता है और प्रार्थना करता है भगवान् बुला मत लेना|

बिना बुलाये तो ऐश्वर्य भगवान् के घर भी नहीं जाता, मगर भूल जाता है भगवान् का घर तो उसके दिल में है; ऐश्वर्य बिना बुलाये अपने दिल में भी नहीं जाता,  कभी नहीं||

बिना बुलाये तो ऐश्वर्य भगवान् के घर भी नहीं जाता, मगर उसे सच में यह पता नहीं भगवान् है कौन? है, है भी, या नहीं है|