इस दिसंबर – दिल्ली और चेन्नई


प्रकृति एक निर्दय न्यायाधीश है| वो गलतियाँ करने वालों को ही नहीं गलतियाँ करने सहने वालों को भी सजा देती है| चेन्नई में हालत की ख़बरें भी हमारे राष्ट्रीय मीडिया में कदम फूंक फूंक कर आ रहीं है| दिल्ली की हवा में हमनें खुद जहर घोल दिया है और बनिस्बत कि सरकार पर हम दबाबपढ़ना जारी रखें “इस दिसंबर – दिल्ली और चेन्नई”

हरित प्रारंभ


हमारे गाँव देहातों में घूरे की पूजा होती है| होली और दिवाली की अगली सुबह हर घर के दरवाजे पर इसे यह पूजा होती है| ज्यादातर शहरी लोग आजकल किसी चित्र या गोबर से बनी किसी आकृति की पूजा कर लेते हैं| घूरा यानि वनस्पतिक कूड़ा (organic waste) जो प्राकृतिक खाद (natural or organic fertilizer)पढ़ना जारी रखें “हरित प्रारंभ”